बालीबुड में बिहारी कलाकारो का दबदबा
बालीबुड में बिहारी कलाकारो का दबदबा-एक बिहारी सौ पर भारी
बिहार ने हिन्दी फिल्म उदयोग मे अनेकों प्रतिभाशाली कलाकार, गायको और फिल्म निर्माताओं को दिये है बिहार कि साहित्य एव अभिनय भुमी प्रारम्म से ही उर्वर रही है हर कालखण्ड मे बिहार ने हिन्दी फिल्म उद्योग मे सार्थक हस्तक्षेप किया है। बिहार ने बॉलीवुड को भी एक से बढ़कर एक कलाकार दिए हैं जिनपर पूरा देश गर्व करता है |शत्रुघ्न सिन्हा की बात ना आए, ऐसा नामुमकिन है। उनका एक खामोश आज भी अच्छे अच्छों को खामोश कर देता है।
हिन्दी फिल्म उद्योग में भी बिहारवासियों की लंबी लिस्ट है बिहारी फिल्म कलाकार बालीवुड में अपने दम पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखते है।
बिहारी से आने वाले कलाकारो कि अभिनय क्षमता का जौहर बालीवुड एव देशी विदेशी लोगो ने बड़े चाव से देखा है।
इन कलाकारो कि अभिनय के प्रति समर्पित क्षमता को हम सभी ने उनकी अभिनय शैली को फिल्मी परदे पर देखा है। सिनेमा के क्षेत्र में भी सार्थक प्रयोग होने लगे है गीतकार शेलेन्द्र और संगीतकार अंजान, गिरिश रजन से लेकर शत्रुघ्न सिन्हा, फिल्म गांधी फेम रोशन सेठ से लेकर रामायण तिबारी, राकेश पाडे तक कुछेक नाम ही थे।
पर निर्देशक प्रकाश झा, इम्तियाज अली ने जहां इसे गति दी वही विनोद अनुपम ने दिशा दिखाई, पंकज त्रिपाटी हो या क्रान्ति प्रकाश झा हो या शेखर सुमन ,नीतिश चन्दा, विजय कुमार हो या मनोज वाजपेयी हो या सुशान्त सिह राजपुत या फिर गिरधर झा, बिहारी बाबु कि खींची लकीर को आगे लेजा रहे है। नई पीढी इसे धार देने में लगी हुई है।
वही महिला कलाकारो कि भी सार्थक उपस्थिति दिख रही है सोनाक्षी सिन्हा, प्रियंका चोपड़ा से लेकर नेहा शर्मा, नीतू चन्द्रा, अनुरिटा झा, कोमल झा, सन्दली सिन्हा, श्रीतीझा, स्वेता बासु प्रसाद, रिचा सोनी, कुमकुम, शिल्पा सिह, शिल्पा शुक्ला, सुहासनी मुले आदि अभिनेत्रियो ने अपने दम पर अभिनय में चार चांद लगाये है।
वही रंगमंच पर भी शानदार उपस्थिति दिख रही है रामगोपाल बजाज, रजन श्रीवास्तव, जावेद अख्तर खान, अभिनय सिन्हा, सुरेश कुमार इन्जु अनीश अंकुर मत्यंजय प्रभाकर, सजय उपाध्याय, अजीत गांगुली, जेसे अनेको कलाकार रंगकर्म को मजबूती प्रदान कर रहे है


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें