इजराइल एवं संयुक्त अरब अमीरात UAE में हुई ऐतिहासिक दोस्ती




खाड़ी देशों में  इजराइल Israel 
की शानदार दस्तक,


इजराइल (Israel)एवं संयुक्त अरब अमीरात UAE  में हुई दोस्ती ,
पश्चिम एशिया के सबसे ताकतवर देश इजराइल (Israel) एवं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच 72 वर्षों से दुश्मनी की दीवार खींची हुई थी उसे अमेरिकी USA राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों बीच दोस्ती करवाकर दुश्मनी की दीवार को ढहा दी ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेहनत की वजह से ही दोनों देश इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करने को तैयार हो गए है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजराइल  एवं संयुक्त अरब अमीरात दोनों के बीच जो 49 वर्षों से चली आ रही कूटनीतिक संबंधों की खटास को सामान्य करने में आसानी होगी एवं कूटनीतिक संबंध सामान्य होंगे |

  दोनों देश एक दूसरे के यहां अपने अपने दूतावास खोलेंगे एवं सहयोग बढ़ाएंगेदोनों देश मिलकर व्यापार ट्रेड पर्यटन, शिक्षा,स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मुद्दों पर मिलकर कार्य करेंगे|

 जिस तरह 25 वर्ष पहले इस मिस्र  Egypt एवं सूडान के बीच शांति समझौता एवं संधि के बाद इस क्षेत्र में शांति के लिए सबसे बड़ा समझौता है  1948 में इजराइल बनने के बाद यह तीसरा सबसे बड़ा समझौता है इससे पहले मिस्र Egyptने 1979 में एवं जॉर्डन ने 1994 में इस प्रकार के शांति सहयोग संधि पर हस्ताक्षर किए थे|
 इस समझौते से अरब मुल्कों में शांति तो होगी ही परंतु भारत को भी बहुत फायदा होगा परंतु यह इजराइल (Israel) एवं  यूएई की दोस्ती चीन एवं पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है चीन एवं ईरान की साजिश वाली दोस्ती का जवाब देने के लिए ही यूएई ने इजरायल के साथ हाथ मिलाया है|

 माना जा रहा है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात UAE को इजराइल जैसे सच्चे दोस्त की आवश्यकता थी क्योंकि इन दोनों देशों के रिश्ते पाकिस्तान के साथ बहुत ही बिगड़ चुके हैं| यह भारत के लिए खुशखबरी है क्योंकि भारत का ज्यादातर तेल अरब से ही आता है भारत चाहता है कि इजराइल  एवं सऊदी अरब में शांति बनी रहे| 

सऊदी अरब एवं पाकिस्तान के संबंध यदि खराब होते हैं तो यह भारत के लिए अच्छी खबर होगी ऐसे में सऊदी अरब में भारत का प्रभाव और भी बढ़ सकता है अब भारत को स्पष्टीकरण नहीं देना पड़ेगा कि भारत किसके साथ संधि करें ना करें। उसके साथ भारत  सीधे तौर पर अरब देशों एवं इजराइल के साथ अपने संबंधों को बढ़ाते रहेंगे बिना किसी अनुचित दबाव के, परंतु इस इजराइल दोस्ती में पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगा है मुस्लिम देशों से पाकिस्तान का दाना पानी लगभग खत्म हो चुका है ।
इससे पाकिस्तान का कश्मीर प्रोपरंगड़ा भी बहुत कमजोर होगा। इस दोस्ती से बहुत से मुस्लिम देश इजराइल को मानने लगेंगे एवं दुश्मनी छोड़कर दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे सऊदी अरब एवं यूएई धीरे-धीरे पाकिस्तान से अपनी निर्भरता खत्म करने में लगे हुए हैं ।


उधर अरब में मिस्र Egypt एवं सूडान के सैनिक हैती Haiti के खिलाफ जंग लड़ेंगे पहले यह जंग पाकिस्तानी सैनिक लड़ रहे थे इसके बदले में पाकिस्तान को आर्थिक मदद मिल रही थीl जो अब बंद हो जाएगी।

सैनिकों की ट्रेनिंग में अब इजराइल (Israel) मदद कर सकता है
इजराइल (Israel) के हाथ मिलाने के बाद अरब देशों के मुसलमान यरूशलम में अल अक्सा मस्जिद भी जा सकेंगे लेकिन पाकिस्तान को यहां जाना अभी नसीब नहीं होगा ।

इजराइल एवं संयुक्त अरब अमीरात UAE की दोस्ती के बाद  दोनों देश अबू धाबी से तेलअवीव की फ्लाइट की शुरुआत  करने वाले हैं, दुनिया भर में इस दोस्ती की तारीफ हो रही है परंतु कुछ जानकार इस दोस्ती को  फिलिस्तीन के लिहाज से ठीक नहीं बता रहे हैं यह माना जा रहा है कि इससे  फिलिस्तीन के लोगों में निराशा बढेगी । उन्हें लगेगा कि एक बार फिर वो अलग थलग हो गए हैं ।

इजरायल दोस्ती से अमेरिकी प्रेजिडेंट ने एक तीर से कई निशाने लगाए हैं। पहले निशाने में उन्होंने पाकिस्तान एवं चीन को चित कर दिया दूसरे निशाने में ईरान को होश ठिकाने लगा दिए, चीन से नकली दोस्ती पर ईरान अमेरिका को आंख दिखा रहा था एवं परमाणु मिसाइल की धमकी दे रहा था।

लेकिन प्रेसिडेंट ट्रंप ने यूएई को इजरायल के साथ लाकर मिडिल ईस्ट में ईरान के दबदबे को नेस्तनाबूद कर अपना बदला पूरा कर लिया। प्रेसिडेंट ट्रंप ने UAE को इजराइल का दोस्त क्या बनाया उधर चीन, ईरान एवं पाकिस्तान में हड़कंप मच गया।  इन तीनों देशों की तिकड़ी पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुकी थी। जिसके बाद इनका होश ठिकाने लगाना बहुत जरूरी हो गया था।















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